少年包青天
गजब हाल! मुख्यमंत्री तीन माह पहले कर चुके उद्घाटन, फिर भी पूरा नहीं हुआ स्टेडियम का निर्माण_我的网站

A | 8月26日,山东省人民政府新闻办公室举行新闻发布会,解读《“十五五”山东审计工作发展规划》。 जागरण संवाददाता, पलवल। पलवल जिले में विकास की योजनाएं समय पर पूरी न होने के कारण लोग सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए घुघेरा गांव में बन रहे जिलास्तरीय खेल स्टेडियम के निर्माण का कार्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री के उद्घाटन के तीन माह बाद भी यह स्टेडियम लोक निर्माण विभाग द्वारा खेल विभाग को नहीं सौंपा जा सका है।,बात दें कि 2008 में पलवल के जिला बनने के बाद से ही जिला स्तरीय स्टेडियम की मांग उठ रही थी। खिलाडियों की मांग को देखते हुए घुघेरा गांव की जमीन जिला स्तरीय स्टेडियम के लिए चुनी गई थी। गांव की 33 एकड़ पंचायती भूमि पर खेल स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। इसके निर्माण कार्य का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को दिया गया था।,लोक निर्माण विभाग ने एमएस सेकेंट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी को इसके कार्य का जिम्मा सौंपा। अगस्त 2019 में 7.18 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय स्टेडियम का कार्य मई 2022 में पूरा करने की बात कही गई थी। लेकिन निर्माण पूरा होने की डेडलाइन लगातार खिसकती रही।,
ग्रामीणों ने पंचायत मंत्री से की थी शिकायत
2022 में ग्रामीणों ने घुघेरा में आए पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली से स्टेडियम का निर्माण कार्य अधूरा होने की शिकायत की थी। शिकायत पर देवेंद्र बबली ने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई थी। मगर स्थिति जस की तस है।शहर की अनाज मंडी में मुख्यमंत्री ने किया था स्टेडियम का उद्धघाटन
कई वर्ष के बाद स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हुआ तो बीती छह जून को शहर की अनाज मंडी में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसका उद्धघाटन किया था। उद्धघाटन की इस घोषणा से खिलाड़ियों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अभी भी इस स्टेडियम का कुछ निर्माण कार्य बचा हुआ है।,सैंकड़ों खिलाड़ी एक साथ कर सकेंगे अभ्यास
स्टेडियम के बन जाने से फुटबाल, एथलेटिक्स, कबड्डी, क्रिकेट, वालीबाल, हांकी, हैंडबाल, बास्केटबाल सहित अन्य खेलों का अभ्यास हो सकेगा। इसके अलावा कई बड़े खेल कार्यक्रमों भी आयोजित हो सकेंगे।नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में नहीं मिला पा रही सुविधाएं
घुघेरा के स्टेडियम के शुरू न होने से फिलहाल खिलाड़ियों को पलवल शहर में बने नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में अभ्यास करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में पर्याप्त सुविधा न होने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। नेताजी चंद्र बोस स्टेडियम में होने वाले प्रशासनिक कार्यक्रम भी खिलाडियों के अभ्यास को प्रभावित करते हैं।,स्टेडियम में कुछ कार्य अभी अधूरा है। इसीलिए अभी खेल विभाग ने इसे टेकओवर नहीं किया गया है। हमारा प्रयास है कि स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए जल्द से जल्द शुरू हो। - खुशवंत, जिला खेल अधिकारी。记者从发布会上获悉,到2030年,山东将进一步健全集中统一、全面覆盖、权威高效的审计监督体系,持续深化重大决策部署以及财政金融国企、教育科技文化、固定资产投资、农业农村、资源环境、民生保障等领域审计监督。 “十四五”期间,全省审计机关共审计单位2.33万个,促进增收节支和挽回损失1380.61亿元,移送违纪违法问题线索7800多件,推动建章立制1.18万项。 未来五年,审计重点盯什么?
重大政策落地,盯住“卡点堵点”。
B | 《规划》提出,加大对重大战略、重大举措、重大风险的审计力度。围绕黄河流域生态保护和高质量发展、科教兴国、乡村振兴、“一带一路”等重大战略,以及绿色低碳高质量发展先行区建设、打造高水平对外开放新高地、建设北方地区经济重要增长极等重点工作,关注规划衔接联动、政策精准协同、项目实施保障、制度改革创新等情况。 重大改革任务、“两重”建设和“两新”工作、全国统一大市场建设等重大政策落实情况,也将成为审计重点,及时发现资金安排、项目推进中的风险隐患,揭示制约政策落实的卡点堵点,促进“黄金政策”发挥“黄金效应”。 政府投资,既看钱花了多少,更看效益怎么样。 “十五五”时期,山东将加强扩大有效投资情况、公共投资项目和企业投资重大建设项目审计,促进稳投资、提质效、防风险。 预算内投资、超长期特别国债、地方专项债等资金怎么分、怎么管、怎么用,将受到重点关注。围绕交通强国山东示范区、现代水网、新型能源体系、新型城镇化等重大战略,审计还将覆盖公路、铁路、港口、机场、水利、能源、城市更新等重大工程项目和重点基础设施,严肃揭示超概算投资、高估冒算、效益不佳等问题。 同时,山东将探索对国有和国有资本占控股地位或者主导地位的企业,包括金融机构投资的重大建设项目开展审计,紧盯立项决策、设备材料采购、工程建设成本等环节。 就业、养老、医疗、住房,这些民生事都是审计重点。 未来五年,山东将以审计“小切口”推动做实民生“大文章”,重点抓好就业、社保基金、社会救助、住房保障、医疗卫生、人口高质量发展六方面民生审计。 其中,社保基金审计将关注养老、医疗保障体系以及失业、工伤保险扩面覆盖;住房保障审计将关注住房保障资金、住宅维修资金等筹集管理使用;医疗卫生审计将关注公立医院改革、医保基金管理、基层医疗保障、精神卫生服务等;围绕人口高质量发展,还将关注生育保险制度完善、普惠养老服务供给、长期护理险推行等政策落实和资金管理使用情况。 从“齐鲁粮仓”到科技创新,审计继续向重点领域延伸。

C | 围绕农业强省建设,山东将聚焦粮食安全、乡村建设、产业发展和改革创新四方面,持续关注高标准农田、农田水利设施、现代设施农业、新一轮千亿斤粮食产能提升行动等;围绕科技创新,重点关注国家实验室支持、科技创新平台建设、科技创新项目实施、科技金融产品体系建设等情况。

D | 审计质量是审计工作的“生命线”。《规划》提出,坚持科技强审,加力推进智能审计建设,深化重点业务领域审计数字化应用,促进“AI+审计”深度融合,探索非现场数字化审计模式,开展跨层级、跨系统、跨部门、跨业务数据分析,提升审计深度和精准度,拓展监督覆盖面。

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Published on:14:57:45
